लखनऊ: मोती फार्मिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश (UP) नाइजीरिया (Nigeria) को तकनीकी सहयोग देगा। गुरुवार को मोती की खेती (pearl farming) देखने पहुंचे नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर ही प्रस्ताव पर उत्साह जताते हुए कंपनी की सेवाएं लेने का आश्वासन दे दिया। गुरुवार को नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एलीयू साबी अब्दुल्लाही ने लखनऊ के मोहनलालगंज के हरिनाम खेड़ा स्थित एक तालाब पर चल रही मोती की खेती का निरीक्षण किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश की कंपनी मणि एग्रो हब ने नाइजीरिया में भी इसी मॉडल पर परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जिसे मंत्री ने स्वीकार कर लिया।
मंत्री अब्दुल्लाही अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सत्येंद्र सिंह के तालाब पर पहुंचे। मणि एग्रो हब के निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी ने उन्हें मोती उत्पादन की पूरी तकनीक बताई और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। त्रिपाठी ने नाइजीरिया में मोती खेती की परियोजना लगाने के लिए कंपनी की सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा।
नाइजीरियाई मंत्री ने इस प्रस्ताव पर उत्साह जताते हुए कंपनी की सेवाएं लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने देश में भी किसानों को मोती की खेती के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ सके। मोहनलालगंज में यह परियोजना एमएनआई ग्रुप के सीईओ डॉ. अय्यूब हुसैन की देखरेख में चलाई जा रही है। मोती की खेती से किसानों की आमदनी दोगुनी हो रही है, अब यह मॉडल नेपाल और नाइजीरिया जैसे देशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।


