मुंबई/यूथ इंडिया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने यूजीसी कानून को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि उनकी संस्था इस कानून को उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के किसी भी राज्य में लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में महासभा की ओर से दायर याचिका पर स्थगन आदेश बरकरार है।
मुंबई में जारी एक बयान में पूर्व सांसद ने कथित करणी सेना नेता सूरजपाल सिंह अम्मू के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उत्तर प्रदेश में यूजीसी कानून लागू करने की बात कही गई थी। हरिवंश सिंह ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान समाज में भ्रम और विवाद पैदा करने वाले हैं तथा इनके पीछे की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा लंबे समय से इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ रही है और संगठन का स्पष्ट मत है कि केंद्र सरकार को इस कानून पर पुनर्विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि समाज में समानता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए व्यापक संवाद की आवश्यकता है।
पूर्व सांसद ने यह भी दावा किया कि करणी सेना के नाम से देशभर में अनेक संगठन सक्रिय हैं और किसी एक व्यक्ति के बयान को पूरे समाज का मत नहीं माना जा सकता। उन्होंने सूरजपाल सिंह अम्मू की राजनीतिक और सामाजिक भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समाज को ऐसे बयानों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
हरिवंश सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग मीडिया में चर्चा और सुर्खियां पाने के लिए विवादित बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना चाहिए और किसी भी प्रकार के भ्रम या उकसावे से बचना चाहिए।
हालांकि सूरजपाल सिंह अम्मू या संबंधित संगठनों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं यूजीसी कानून को लेकर चल रही बहस पर अंतिम निर्णय न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।


