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Thursday, July 9, 2026

आठ वर्ष पुराने पॉक्सो मामले में दो सगे भाइयों को चार-चार वर्ष की सजा, तीसरा आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

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फर्रुखाबाद, 9 जुलाई। करीब आठ वर्ष पुराने नाबालिग से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रितिका त्यागी की अदालत ने दो सगे भाइयों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 28-28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में तीसरे आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया।

अभियोजन के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र निवासी एक महिला ने वर्ष 2018 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जुलाई 2018 को उसकी नाबालिग पुत्री के साथ मोहल्ले के निवासी संजीव, दिलीप और लड्डू ने छेड़छाड़ की। पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट एवं धमकी देने के आरोप में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए।

दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद विशेष न्यायाधीश रितिका त्यागी ने संजीव और दिलीप को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास तथा 28-28 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने आदेश दिया कि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोनों दोषियों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, तीसरे आरोपी लड्डू के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न होने पर न्यायालय ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। निर्णय सुनाए जाने के बाद दोषी करार दिए गए दोनों भाइयों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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