मोहम्मदाबाद। संकिसा रोड पर ग्राम शेखपुर मोड़ के सामने सोमवार को ट्रक को ओवरटेक करने के प्रयास में दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों में एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम कटइया निवासी पंकज जाटव (30) पुत्र भगवान दास अपने साथी अवधेश गौतम (40) के साथ बाइक से मोहम्मदाबाद बाजार से घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक संकिसा रोड पर शेखपुर मोड़ के सामने पहुंची, ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान सामने से आ रही दूसरी बाइक से सीधी भिड़ंत हो गई।
दूसरी बाइक पर थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम नया नगला निवासी हरिभान सिंह (60) पुत्र परमाल सिंह अपने भतीजे अमन (18) पुत्र हरनाथ सिंह के साथ सवार थे। दोनों नगला अनूप स्थित ससुराल जा रहे थे।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों लोग सड़क पर जा गिरे। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद ले जाया गया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. सनी मिश्रा ने पंकज जाटव और हरिभान सिंह को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अमन को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अवधेश गौतम का सीएचसी में उपचार किया गया।
मृतक पंकज जाटव मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह अपने पिता भगवान दास की इकलौती संतान थे। परिवार में मां शकुंतला देवी, पत्नी गीता देवी और तीन वर्षीय पुत्र आरके हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
वहीं हरिभान सिंह खेती-किसानी कर परिवार चलाते थे। उनके परिवार में पत्नी अनीता और दिव्यांग पुत्र भोपाल हैं। उनकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना पर उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंचे और दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में थाना प्रभारी निरीक्षक अमोद कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ सीएचसी पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी।
दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने संकिसा रोड की खराब सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन न तो सड़क चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और न ही आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।


