फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर आवाज उठाई और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध जताते हुए कहा कि पूर्व में भी विभिन्न समस्याओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया था। उस दौरान अधिकारियों की ओर से सुधार का भरोसा दिया गया था, लेकिन समय बीतने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अधिवक्ताओं के अनुसार, तहसील में कार्य प्रणाली पारदर्शी नहीं है और कई मामलों में अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि बाहरी लोगों की दखलंदाजी भी कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के बाद उच्च स्तर पर भी इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इससे अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे इसे न्याय व्यवस्था के लिए चिंताजनक मान रहे हैं।
साथ ही अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए उन पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को भी उन्होंने दुर्भावनापूर्ण बताया और कहा कि इससे आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। इस दौरान कई अधिवक्ता और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में पारदर्शी व्यवस्था और न्याय की मांग उठाई।
कायमगंज तहसील में भ्रष्टाचार के आरोपों पर अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, डीएम से स्वतंत्र जांच की मांग


