27.8 C
Lucknow
Wednesday, August 5, 2026

मरम्मत होने तक कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद, नुकसान की भरपाई रियायतग्राही से होगी

Must read

लखनऊ: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Kanpur-Lucknow Expressway) पर किमी-64 के पास स्लिपेज के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कार्रवाई की है। परियोजना की निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर वर्तमान परियोजना निदेशक (project Director) नकुल प्रकाश वर्मा को मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है, जबकि पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया और वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल वर्मा के खिलाफ आरोप-पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम गठित की गई है। इसके साथ ही सुधार कार्य पूरा होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की निर्धारित स्पीड लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

26 जुलाई को सामने आया था स्लिपेज

एनएचएआई के क्षेत्राधिकारी व मुख्य महाप्रबंधक गौतम विशाल चरण पहारी ने बताया कि 26 जुलाई को कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किमी-64 के निकट सड़क की सतह में स्लिपेज देखा गया था। सूचना मिलते ही बहाली कार्य शुरू कराया गया और प्रभावित स्थल का व्यापक तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रभावित स्थान पर यातायात डायवर्ट कर एक्सप्रेसव को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है।

पीएनसी इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर का नोटिस

रियायतग्राही मेसर्स पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव रखते हुए नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा निष्पादन सुरक्षा के दो प्रतिशत के बराबर दंड, जिम्मेदार कार्मिकों पर अधिकतम तीन वर्ष तक डिबारमेंट और कंपनी की पेवमेंट कंडीशन इंडेक्स रेटिंग डाउनग्रेड करने के संबंध में कारण बताओ नोटिस दिया गया है। प्रभावित हिस्से का करीब 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा सुधार रियायतग्राही अपने खर्च पर करेगा।

एक्सप्रेसवे की होगी तकनीकी जांच

पहारी ने बताया कि आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस रेड्डी के नेतृत्व में पेवमेंट विशेषज्ञों की एक टीम को विस्तृत तकनीकी जांच के लिए नियुक्त किया गया है। यह समिति घटना के मूल कारणों की जांच करेगी और सुधारात्मक उपायों के सुझाव भी देगी। वहीं एनएचएआई पूरी परियोजना के हिस्से में पेवमेंट की स्थिति का आकलन लेजर प्रोफिलोमीटर से करा रहा है।

टोल बंद, स्पीड लिमिट में कोई बदलाव नहीं

इस मामले में सुधार का काम पूरा होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल संग्रहण स्थगित रहेगा और यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। टोल राजस्व की हानि रियायतग्राही से वसूली जाएगी। वहीं 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड लिमिट पहले की तरह ही लागू रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। एनएचएआई ने गुणवत्ता, सुरक्षा और जवाबदेही के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

तीन अधिकारियों पर दो साल की रोक

निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को परियोजना से हटा दिया गया है। तीनों पर दो वर्ष तक मोर्थ, एनएचएआई, और एनएचआईडीसीएल की किसी परियोजना में भाग लेने पर रोक लगाई गई है। स्वतंत्र अभियंता मेसर्स थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव करते हुए नोटिस जारी किया गया है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article