29 C
Lucknow
Tuesday, April 21, 2026

संविदा कर्मचारियों के जरिए चल रहा था वसूली का खेल

Must read

 

शाहजहांपुर। बीएसए कार्यालय में रिश्वतखोरी की परतें खुलने के साथ ही वसूली के एक संगठित तंत्र की चर्चा भी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, संविदा कर्मचारियों के जरिए पूरे खेल को अंजाम दिया जाता था। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि स्कूल में देरी से पहुंचने या अन्य प्रशासनिक खामियों को आधार बनाकर कार्रवाई का डर दिखाया जाता था, जिसके बाद सेटिंग के नाम पर पैसे की मांग की जाती थी। बताया जा रहा है कि इस तरीके से लंबे समय से शिक्षकों को दबाव में लेकर अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

!!जिला समन्वयक की भूमिका पर उठे सवाल!!

मामले में जिला समन्वयक निश्चय सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) की निगरानी के साथ-साथ शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर रखने का अधिकार भी प्राप्त था। ऐसे में इस अधिकार का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था या नहीं, यह जांच का विषय बन गया है। यह भी चर्चा है कि वह लंबे समय से एक ही जनपद में तैनात रहे, जिससे पूरे सिस्टम पर उनकी पकड़ मजबूत हो गई थी। अब एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद विभाग में खलबली मची है और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की मांग तेज हो गई है। फिलहाल, जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article