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Wednesday, May 6, 2026

ईरान से समझौते पर टिका पश्चिम एशिया का भविष्य

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ट्रंप ने दी शांति की पेशकश, नहीं माने तो तेज होगी बमबारी

वॉशिंगटन

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शांति की उम्मीद और युद्ध की आशंका दोनों एक साथ नजर आ रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि ईरान तय शर्तों को मान लेता है, तो अमेरिका अपना सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ समाप्त कर सकता है। साथ ही रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को भी सभी देशों के लिए खोलने पर सहमति बन सकती है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह संकेत देते हुए कहा कि समझौते की स्थिति में क्षेत्र में शांति बहाल हो सकती है। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी भी दी कि अगर ईरान इस प्रस्ताव को ठुकराता है, तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और अधिक तीव्र और व्यापक रूप ले सकती है। उनके शब्दों में, “अगर वे सहमत नहीं होते, तो बमबारी पहले से कहीं ज्यादा बड़े स्तर पर होगी।”
दरअसल, यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच 14 बिंदुओं पर आधारित एक प्रस्ताव पर बातचीत अंतिम चरण में है और अगले 48 घंटों में ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। प्रस्ताव में 30 दिन की वार्ता अवधि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक, अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण और अमेरिका द्वारा कुछ प्रतिबंधों में राहत जैसे अहम बिंदु शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव में ईरान के यूरेनियम संवर्धन को लंबे समय तक रोकने की बात कही गई है, जबकि ईरान सीमित अवधि तक इसे रोकने पर सहमत हो सकता है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र की निगरानी और कड़े सुरक्षा मानकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया की स्थिति इस समय बेहद नाजुक मोड़ पर है, जहां एक ओर कूटनीतिक समाधान की संभावना है तो दूसरी ओर संघर्ष और बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है।

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