– बोले, ‘तुमसे अच्छा इंजेक्शन खुद लगा लूंगा’
लखीमपुर खीरी। जिले के ओयल स्थित जिला अस्पताल में मंगलवार देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सड़क हादसे में घायल मरीज को देखने में कथित देरी से नाराज भाजपा विधायक योगेश वर्मा ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जमकर सवाल उठाए। रात करीब 11:30 बजे पहुंचे विधायक ने इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के रवैये पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी सीएमओ और अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री सर्वेश कुमार का बेटा सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। विधायक योगेश वर्मा भी मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर जावेद ने विधायक के कहने के बावजूद तत्काल मरीज को नहीं देखा। कई बार आग्रह के बाद भी डॉक्टर के रवैये से नाराज विधायक भड़क गए।
विधायक ने प्रभारी सीएमओ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता और डीएम अंजनी कुमार सिंह को फोन कर शिकायत की। उन्होंने कथित तौर पर डॉक्टर के निलंबन की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने की बात कहते हैं, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
विधायक ने यहां तक कहा कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो वह अस्पताल में ही मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि जनता परेशान है और जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
मौके पर पहुंचे प्रभारी सीएमएस आरके वर्मा के सामने भी विधायक ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने वह समय भी देखा है जब डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते थे और सेवा करनी पड़ती थी। इसी दौरान उन्होंने डॉक्टर से नाराजगी जताते हुए कहा,“तुम क्या इंजेक्शन लगाओगे, जैसा मैं लगा दूंगा।”
विधायक ने यह भी कहा कि उनके परिवार में कई लोग डॉक्टर हैं और वह मरीजों के इलाज के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित डॉक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई तो उसे स्थायी रूप से हटाने की मांग की जाएगी।
विधायक ने अस्पताल में मरीजों के बैठने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप था कि अस्पताल में रखी कुर्सियां पुरानी और खराब हालत में हैं। उन्होंने कहा कि जब जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी तो ऐसे अस्पताल का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रभारी सीएमएस आरके वर्मा ने मौके पर पहुंचकर विधायक को समझाया। इसके बाद मामला शांत हुआ। विधायक की ओर से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


