9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले- स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से तैयार होगा स्वस्थ युवा, यही युवा राष्ट्र को देगा सही दिशा
वाराणसी। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसकी युवा पीढ़ी होती है और युवा का भविष्य उसके बचपन से तय होता है। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से स्वस्थ विद्यार्थी, स्वस्थ युवा और अंततः मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। इसलिए बच्चों के पोषण और प्रारंभिक विकास को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र और बाल वाटिका देश के भविष्य की नींव तैयार करने वाले प्रारंभिक केंद्र हैं। सरकार ने इन्हें केवल बच्चों को पोषण देने वाली व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और समग्र विकास से जोड़ने का प्रयास किया है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब थी। कई केंद्रों में गंदगी रहती थी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। बच्चों के लिए न पर्याप्त पेयजल था, न शौचालय और न ही गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने की समुचित व्यवस्था।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर बच्चे अपना टाट लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते थे। व्यवस्था की कमी का खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय ऊपर स्तर पर होने वाली गलतियों की जवाबदेही भी अक्सर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर आ जाती थी, जबकि उन्हें समय पर मानदेय तक नहीं मिलता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप देने का काम किया है। राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग के साथ-साथ बजट में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र और बाल वाटिकाएं बच्चों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रही हैं। यहां बच्चे खेल-खेल में अक्षर ज्ञान और अंक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के शुरुआती वर्षों को बेहतर बनाने की दिशा में एक व्यापक प्रयास है,
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी ने पिछले वर्षों में विकास का नया स्वरूप देखा है। उन्होंने कहा कि काशी आज नई आभा और नई काया के साथ दुनिया को आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 के बाद देश के भविष्य की नींव को मजबूत करने के लिए जिस विजन के साथ काम शुरू किया, उसका असर आज विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वर्ष 2001 से ही विकास और मानव संसाधन को लेकर एक मॉडल पर काम कर रहे थे, जिसे आज व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी बच्चे का स्वस्थ भविष्य उसके जन्म के बाद नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। स्वस्थ मां होगी तो स्वस्थ बच्चा होगा और स्वस्थ बच्चा आगे चलकर स्वस्थ विद्यार्थी बनेगा।
स्वस्थ विद्यार्थी से स्वस्थ युवा तैयार होगा और शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ युवा ही देश को सही दिशा में आगे ले जाने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया वास्तव में बच्चे के शुरुआती वर्षों से ही शुरू हो जाती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाना है। यह लक्ष्य केवल दिल्ली में बैठकर योजनाएं बनाने से हासिल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव गांवों, गलियों और स्थानीय स्तर से तैयार होगी। आंगनबाड़ी केंद्र और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय इस बदलाव के शुरुआती केंद्र बनेंगे।
इसी उद्देश्य के साथ सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि बच्चों को शुरुआती अवस्था से ही बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा का वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत और आम नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि पोषण अभियान तभी सफल होगा, जब इसमें समाज की व्यापक भागीदारी होगी। बच्चों के पोषण, स्वच्छता और प्रारंभिक शिक्षा को लेकर परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत और प्रशासन सभी को मिलकर काम करना होगा।


