वाराणसी: आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (Economic Offenses Investigation Organization) द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये गये अभियान के अन्तर्गत उच्चाधिकारीगण के कुशल निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में अनु0अन्वे0-169/2020, मु0अ0सं0-15/2020, धारा-409, 467, 468, 471, 477ए, 120बी, 34 भादवि0, थाना-ई०ओ०डब्लू० जनपद-वाराणसी में वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी आज शुक्रवार को सुबह समय साढ़े नौ बजे EOW) सेक्टर वाराणसी की टीम द्वारा अभियुक्त के निवास स्थान के पास से किया गया। अभियुक्त तत्कालीन समय में कोटेदार था तथा कार्य प्रभारी के द्वारा बनाये गये फर्जी मस्टर रोल के आधार पर फर्जी श्रमिकों को खाद्यान्न का वितरण किया था।
नाम, पता गिरफ्तार अभियुक्तः-
1- कोटेदार वरिन्द्र बहादुर सिंह पुत्र स्व० द्वारिका प्रसाद सिंह, निवासी-दमोदरा, थाना-रामपुर जनपद जौनपुर।
घटना का संक्षिप्त विवरण-
वर्ष 2004 से 2005 के मध्य जनपद जौनपुर में केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा संचालित सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अन्तर्गत विकास खण्ड रामनगर के विभिन्न गांवों में क्षेत्र पंचायत अंश से नाली निर्माण, खड़न्जा निर्माण, पटरी मरम्मत, सम्पर्क मार्ग पर मिट्टी कार्य, सी०सी० रोड और पुलिया निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित था, जिसमे लगे मजदूरों को कार्य के बदले खाद्यान्न (चावल)/नकद धनराशि आवंटित कराया जाना था किन्तु अभियुक्तगण द्वारा फर्जी मस्टर रोल तैयार कर वास्तविक मजूदरो को खाद्यान्न एवं नकद धनराशि वितरित न कर (वर्ष 2004-05 के मध्य) लगभग रू0 1,02,536/- की शासकीय क्षति कारित की गयी है।
इस अभियोग की विवेचना के मध्य संकलित साक्ष्यों से अभियुक्त के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाया गया है। वांछित अभियुक्तों के विरूद्व चलाये गये गिरफ्तारी अभियान के तहत गिरफ्तार वांछित अभियुक्त तत्कालीन कोटेदार वरिन्द्र बहादुर सिंह पुत्र स्व० द्वारिका प्रसाद सिंह, निवासी-दमोदरा, थाना-रामपुर जनपद जौनपुर को मा० न्यायालय, विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट-2 वाराणसी के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।


