– लोगों और गणमान्य लोगों के खिलाफ झूठे गैंगरेप, छेड़खानी के लगवाए जाते थे झूठे मुक़दमे
– एसपी आरती सिंह नें कड़ी मेहनत बाद किया गैंग का भंडाफोड़
– न्यायालय रिमांड के दौरान अवधेश समर्थक वकील सुनील राठौर, उसके भाई ब्रजेश मिश्रा भतीजे ऋषभ को खानी पड़ी मुँह की
– अधिवक्ता राजीव वाजपेयी की दलीलों के आगे हुए ढेर
फर्रुखाबाद। जिले में फर्जी गैंगरेप, छेड़खानी के मुकदमों का सनसनीखेज खेल सामने आने के बाद दर्ज मुक़दमे में पुलिस ने गुरुवार रात दबोची गई गैंग की विषकन्या सदस्य मीनू शर्मा को रिमांड के लिए न्यायालय पेश किया जहां, से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पत्रकार अजय चौहान की ओर से सात माह पूर्व दर्ज कराये गए मुकदमे के अभियुक्त शातिर अधिवक्ता अवधेश मिश्रा ने अपनें साथी अभियुक्त मीनू शर्मा की पैरवी के लिए शुक्रवार को न्यायलय में उसकी रिमांड पेशी के दौरान अपने करीबी अधिवक्ता सुनील राठौर अपने भाई बृजेश मिश्रा उसके जूनियर एवं अपने भतीजे जूनियर वकील ऋषभ मिश्रा को बचाव में खड़ा किया, तो सरकार के पक्ष में अभियोजन के अलावा जाने माने वकील राजीव बाजपेई ने जमकर दलीलें देकर साबित कर दिया कि यह गैंग आम जनमानस के लिए नासूर है और झूठे मुकदमो के बलबूते भोले वाले गणमान्य लोगों से मोटी धन उगाही कर माफिया तंत्र को मजबूत करता है ।
बता दे कि थाना जहानगंज पुलिस ने कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज गंभीर धाराओं वाले मुकदमे में वांछित आरोपी मीनू शर्मा को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में शुक्रवार पूरी घटना का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गैंग भोले भाले लोगों और शिक्षक, प्रधानाचार्य, अधिवक्ता पत्रकार एवं चिकित्सकों को गैंगरेप और छेड़खानी के झूठे मुकदमों में फंसाने, धमकी देकर वसूली करने और निजी लाभ लेने के संगठित खेल में शामिल था। मुकदमे के मुख्य अभियुक्त अवधेश मिश्रा को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से गिरफ़्तारी स्टे प्राप्त है जिसकी सुनवाई भी अगली 20 मई नियत है।
फतेहगढ़ पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार थाना जहानगंज पुलिस टीम और थाना प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी ने अभियुक्त मीनू शर्मा को गिरफ्तार किया था । कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन के निर्देशन और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई।
पुलिस के मुताबिक 11 अक्टूबर 2025 को वादी अजय चौहान निवासी बघौआ, थाना कोतवाली फतेहगढ़ की तहरीर और एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में शातिर वकील अवधेश मिश्रा निवासी पालिवाल गली, बेवर रोड भोलेपुर सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी गिरोह कथित रूप से क्षेत्र के लोगों के खिलाफ झूठे और गंभीर मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर आर्थिक लाभ हासिल करता था।
पता चला है कि पूछताछ के अनुसार गिरफ्तार युवती मीनू शर्मा ने स्वीकार किया कि वह वकील अवधेश मिश्रा के इशारे पर गैंग के अन्य साथियों के साथ मिलकर “झूठे साक्ष्य गढ़ने” और लोगों को गंभीर धाराओं में फंसाने का काम करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी गैंग लोगों से वसूली कर निजी और माफिया हित साधते थे और भय का माहौल बनाकर नेटवर्क चला रहे थे। यहां बताना जरूरी है यह गेम केवल जनपद ही तक ही सीमित नहीं है बल्कि आसपास जनपदों में भी पसरा है इस गैंग को राजनीतिक रूप से पूर्ण रूप पूर्ण संरक्षण जनपद कन्नौज से मिलता है जहां पर भी एक युवती और उसका भाई लोगों के खिलाफ झूठ छेड़खानी और बलात्कार के आरोप लगाकर धनउगाई के माध्यम से मोटी रकम कमाते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह खेल चलता कैसे रहा? क्या इस गिरोह को किसी सफेदपोश या सिस्टम के भीतर बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त था? पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जिले में उन मामलों की भी चर्चा तेज हो गई है, जिनमें निर्दोष लोगों को गंभीर धाराओं में फंसाए जाने की शिकायतें पहले से उठती रही हैं।
सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन, कॉल डिटेल और पुराने मुकदमों की भी पड़ताल कर रहीं हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी युवती से पूछताछ कर अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। जिले में इस कार्रवाई को फर्जी मुकदमों के कथित सिंडिकेट पर बड़ी चोट माना जा रहा है।


