27 C
Lucknow
Tuesday, April 14, 2026

कलेक्ट्रेट सभागार ने गरिमामय रूप से मनाई गई डॉ भीम राव आंबेडकर की 136वी जयंती जयंती

Must read

 

जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त एवं कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों ने डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

शाहजहांपुर|दिनांक 14 अप्रैल, 2026। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्र, एडीएम वित्त अरविंद कुमार एवं कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस दौरान कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षों एवं सफलता को सभी के साथ साझा किया। अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार ने उनके जन्म से लेकर उनकी शिक्षा दीक्षा के दौरान संघर्ष तथा उनकी सफलताओं को विस्तृत रूप से वर्णन किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने इस दौरान कविता के माध्यम से अंबेडकर जी की जीवन पर प्रकाश डाला वही विनाका मौर्य ने गीत के माध्यम से संविधान के विषय तथा उसके निर्माण की जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं उनके महान योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर द्वारा लिखे गए शोध-पत्रों के आधार पर भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने स्वयं स्वीकार किया है कि उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने में डॉ. अम्बेडकर के शोध कार्यों से अत्यंत प्रेरणा मिली। डॉ. अम्बेडकर द्वारा बनाए गए कानूनों एवं सामाजिक सुधारों ने देश में समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत नींव रखी है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनसे प्रेरणा लेकर समाज में समरसता एवं समानता स्थापित करने का प्रयास करना चाहिए।

जिलाधिकारी ने सभी से आह्वान किया कि हम जाति, वर्ग एवं भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करें तथा डॉ. अम्बेडकर के मूलमंत्र को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे देश के समग्र विकास को गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके अद्वितीय योगदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। एडीएम प्रशासन ने भी उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
योगेश अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संविधान के शिल्पकार, समानता और न्याय के महान प्रवर्तक थे, जिनका योगदान समस्त समाज के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज के प्रत्येक वर्ग को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article