अलीगढ़/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अलीगढ़ दौरा विकास और जनकल्याण की योजनाओं के लिए निर्धारित था, लेकिन मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री के चेहरे के भाव उस समय बदल गए जब उन्हें लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की सूचना मिली। कुछ ही क्षणों में माहौल बदल गया। विकास परियोजनाओं के बीच बच्चों की मौत की खबर ने मुख्यमंत्री को व्यथित कर दिया और उन्होंने तत्काल अपना शेष कार्यक्रम निरस्त कर राजधानी लौटने का फैसला कर लिया।
अलीगढ़ में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह जनता के बीच अधिक समय बिताएं, लेकिन लखनऊ से बेहद दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड में कई बच्चे प्रभावित हुए हैं और कुछ मासूमों की जान चली गई है। यह सुनते ही उन्होंने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी ताकत लगाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने मंच से ही पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच होगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों और युवाओं को खोया है, उनके दुख की भरपाई संभव नहीं है। प्रदेश सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।


