कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। घटना के बाद अभिषेक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी सेहत की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर अभिषेक की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान अभिषेक की मां लता बनर्जी सहित तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भी अस्पताल में मौजूद रहे।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “शासक ही हत्यारे बन गए हैं” और लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। ममता ने इस हमले को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस ने भी घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए सुनियोजित तरीके से हिंसा कराई जा रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से सभी राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को “जानलेवा हमला” करार दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अराजक माहौल बनता जा रहा है और हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। विभिन्न विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया है।
हालांकि भाजपा ने हमले के आरोपों से खुद को अलग कर लिया है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पूर्व में तृणमूल शासन के दौरान हिंसा झेली है, लेकिन वर्तमान सरकार सभी विपक्षी नेताओं को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।
उधर अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे और दोषियों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। अभिषेक ने कहा कि यदि एक सांसद और बड़े राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।


