फर्रुखाबाद। कायमगंज कोतवाली पुलिस ने पेड़ पर लटकते मिले युवक के शव के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब पांच वर्ष पुराने मुकदमे में गवाही देने की रंजिश के चलते युवक की हत्या की गई थी। आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर गला कसकर आम के पेड़ से लटका दिया, ताकि घटना आत्महत्या प्रतीत हो।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी रोहित उर्फ भीमा ने पूछताछ में बताया कि करीब पांच साल पहले उसका तथा सुभाष सक्सेना का गांव के बुजुर्ग झम्मन राठौर के साथ विवाद हुआ था। उस दौरान हुई मारपीट में झम्मन राठौर इंजन के कुएं में गिर गए थे और गंभीर रूप से घायल होने के बाद तीन-चार दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। इस मामले में गांव के ही दीपचंद्र उर्फ पंखिया पुत्र कर्मवीर निवासी चिलसरी ने पुलिस के समक्ष उनके खिलाफ गवाही दी थी। तभी से वह दीपचंद्र से रंजिश मानने लगा था।
इसी पुरानी दुश्मनी के चलते रोहित उर्फ भीमा ने अपने साथी बालकिशन के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। आरोपियों ने दीपचंद्र उर्फ पंखिया को पकड़कर पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। पूछताछ में रोहित ने बताया कि उन्होंने मृतक के मुंह और नाक पर कई घूंसे मारे, जिससे उसके नाक और मुंह से खून निकलने लगा। इसके बाद अंगोछे की सहायता से उसका गला कसकर आम के पेड़ से बांध दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना को आत्महत्या का रूप देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। रोहित ममापुर की ओर चला गया, जबकि बालकिशन अपने घर पहुंच गया। मामले में मृतक दीपचंद्र उर्फ पंखिया के छोटे भाई शिवओज पुत्र कर्मवीर निवासी चिलसरी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपी रोहित उर्फ भीमा तथा प्रकाश में आए आरोपी बालकिशन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार तथा उपनिरीक्षक लाल यादव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मुकदमे की गवाही बनी हत्या की वजह, पेड़ पर लटकते मिले शव के मामले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार


