– नेपाल कनेक्शन से सनसनी
लखनऊ। राजधानी में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी ) की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। आम्रपाली एक्सप्रेस से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की चरस बरामद की गई है। कार्रवाई के दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके तार नेपाल से जुड़ी सप्लाई चेन तक पहुंच रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीगढ़ निवासी नरेश शर्मा और महेंद्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों को ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों के दौरान पकड़ा गया। तलाशी में उनके पास से लगभग 3 किलो चरस बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक तस्करों ने बताया कि चरस की यह खेप नेपाल सीमा के पास बढ़नी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में खेतों के जरिए उन्हें सौंपी गई थी। इसके बाद ट्रेन के माध्यम से इसे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों और अन्य राज्यों तक पहुंचाने की योजना थी।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं बल्कि संगठित ड्रग तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है। नेपाल सीमा से सटे इलाकों में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका जताई जाती रही है और अब इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
आरपीएफ और एनबीसी अब आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा अब तक कितनी खेप सप्लाई की जा चुकी है।
सूत्रों के अनुसार एजेंसियों को आशंका है कि रेलवे मार्ग का इस्तेमाल कर संगठित गिरोह लंबे समय से नशे की खेप देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा रहे हैं। आम्रपाली एक्सप्रेस जैसे लंबे रूट वाली ट्रेनों को तस्कर “सेफ कॉरिडोर” की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।
इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चेकिंग बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नेपाल बॉर्डर से जुड़े रूटों पर अब निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि ड्रग नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
आम्रपाली एक्सप्रेस बनी नशे की तस्करी का रास्ता: डेढ़ करोड़ की चरस बरामद


