देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में 10 अप्रैल को पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी, जिसमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां और प्रशासनिक इकाइयां भाग लेंगी।
आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए नेशनल दिसस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) और उत्तराखंड स्टेट दिसस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (यूएसडीएमए) ने विशेष रणनीति तैयार की है। इस मॉकड्रिल के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय और बचाव कार्यों की क्षमता का आकलन किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के सात जिलों में एक साथ आपदा प्रबंधन का अभ्यास किया जाएगा। इसमें भूस्खलन, बादल फटने, सड़क हादसे और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा।
इस बार खास तौर पर रिस्क और रिसोर्स मैपिंग पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर समय रहते आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही यात्रा मार्गों, चिकित्सा सुविधाओं, संचार व्यवस्था और राहत-बचाव टीमों की तैनाती की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। यही कारण है कि इस बार तैयारियों को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि मॉकड्रिल के जरिए कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जाएगा, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम व्यवस्था मिल सके।
चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, 10 अप्रैल को राज्यव्यापी मॉकड्रिल


