मैनपुरी
जनपद के करहल क्षेत्र में आयोजित बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव के दौरान अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर ‘नूरा कुश्ती’ करने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम के दौरान करहल के गांव नानमई पहुंचे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बंगाल की जनता भाजपा को स्वीकार करने के मूड में नहीं है और वहां ममता बनर्जी की वापसी के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के दम पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करेगी।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा, आरएसएस और उनके सहयोगी संगठन धनबल और भय का माहौल बनाकर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह रणनीति लोकतंत्र के लिए खतरा है और जनता अब इन हथकंडों को समझ चुकी है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बीच दिखने वाली सियासी लड़ाई असल में ‘नूरा कुश्ती’ है, जिसका उद्देश्य जनता को भ्रमित करना है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले चुनावों में इसका असर साफ दिखाई देगा। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी उनके बयान का समर्थन किया और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह के तीखे राजनीतिक बयानबाजी से सियासी माहौल और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।


