लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी में है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि ऐसे नियम बनाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अग्निकांड जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए कि दूसरे और तीसरे फ्लोर पर संचालित कोचिंग संस्थानों को लेकर सरकार सख्त नीति बना रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसे मानक तय किए जा रहे हैं, जिनसे छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि केवल संस्थानों पर ही नहीं, बल्कि नियमों के विपरीत एनओसी जारी करने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। यदि जांच में पाया गया कि किसी को गलत मानकों या नियमों की अनदेखी कर एनओसी दी गई है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। सरकार इस दिशा में व्यापक सुधारात्मक कदम उठा रही है ताकि कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक प्रतिष्ठानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
प्रदेशभर में चल रहे निरीक्षण अभियान के तहत कई कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न्यूनतम हो सके।


