अमृतपुर फर्रुखाबाद
तहसील क्षेत्र के ग्राम पिथनापुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अव्यवस्थाओं और स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त डॉक्टर, फार्मासिस्ट और कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र की हजारों ग्रामीण आबादी को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन कई बार उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अक्सर स्टाफ अनुपस्थित रहता है, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में न तो नियमित रूप से डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और न ही अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी संख्या में मौजूद रहते हैं। इसके चलते छोटी बीमारियों के मरीजों को भी निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनेंद्र कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हो सका। शिकायतों के बावजूद अस्पताल की स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नहीं सुधर रही हैं।
स्वास्थ्य केंद्र पर सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। दूर-दराज गांवों से आने वाले मरीज घंटों अस्पताल परिसर में डॉक्टर का इंतजार करते रहते हैं। कई बार उन्हें बिना इलाज के वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन पिथनापुर स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति इन दावों की हकीकत बयां कर रही है।
क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति कर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित डॉक्टरों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।


