– बेंगलौर आश्रम में यूपी के आईएएस डॉ. हीरालाल की हुईं खास मुलाकात
– डायनेमिक डीएम पुस्तक की भी जमकर की सराहना
– बोले श्री श्री पानी बचाओ मॉडल की जन-जन को जरूरत
बेंगलौर। चुनावी राजनीति के बीच पर्यावरण और जल संकट जैसे मुद्दे अब प्रशासनिक एजेंडे में तेजी से जगह बना रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. हीरालाल से बेंगलुरु स्थित अपने आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में रु- ब- रु हुए आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर की मुलाकात “ग्रीन इरेक्शन” और “पानी बचाओ” मॉडल पर ऐतिहासिक बन गईं।
आध्यात्मिक गुरु श्री श्री ने डॉ हीरालाल से गुरूवार मुलाकात के दौरान यूपी, तमिलनाडु, सहित पांच राज्यों में उनके द्वारा पानी बचाओ और पर्यावरण के अभियान की जमकर सराहना की,और कहा कि ऐसे महाभियान राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने डॉक्टर हीरालाल की डायनेमिक डीएम पुस्तक को भी साराहा,और उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में जिलाधिकारी रहते हुए उनके द्वारा चलाए गए पानी बचाओ अभियान को एक बेहतर मॉडल के रूप में पूरे देश में चलाने की बात पर जोर दिया।
बातचीत में इस बात पर भी श्री श्री नें जोर दिया गया कि चुनावों के दौरान भारी मात्रा में प्लास्टिक, बैनर-पोस्टर और संसाधनों की बर्बादी होती है, जिससे पर्यावरण पर सीधा असर पड़ता है। “ग्रीन इलेक्शन” मॉडल के तहत डिजिटल प्रचार, सीमित संसाधनों का उपयोग और इको-फ्रेंडली सामग्री को बढ़ावा देने की जरुरत बताई ।
इसके साथ ही “पानी बचाओ” अभियान को लेकर भी गहन चर्चा मे श्री श्री नें राष्ट्रीय स्तर पर और बढाबा देने पर जोर दिया ।उन्होंने डॉ हीरालाल से सहमत होते हुए देश के कई राज्यों में तेजी से गिरते भूजल स्तर और जल संकट को देखते हुए इसे जन आंदोलन बनाने पर बल दिया गया। आंकड़ों के मुताबिक भारत के कई हिस्सों में भूजल स्तर हर साल औसतन 0.3 से 1 मीटर तक गिर रहा है, जो आने वाले समय में गंभीर संकट का संकेत है।
डॉ. हीरालाल ने इस दौरान कहा कि अगर चुनाव जैसे बड़े आयोजनों को भी पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाए, तो यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकता है। वहीं श्री श्री रवि शंकर ने जल संरक्षण और सतत विकास को जनभागीदारी से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। बता दें कि डॉ हीरालाल की जल संचयन की मुहिम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बाँदा मे सराहना कर चुके हैं।


