विकास के मंच से ₹365 करोड़ की सौगात, डीएम डॉ राजेंद्र पेन्सिया की व्यवस्था देख गदगद
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में आयोजित ₹365 करोड़ से अधिक लागत की 63 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या को लेकर आज जो लोग बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, वे वही लोग हैं जिनकी सरकार में रामभक्तों पर लाठी और गोलियां चलवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि “देर-सबेर अखिलेश यादव को रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने के पाप का सार्वजनिक पश्चाताप करना ही पड़ेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने अयोध्या को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई है। फोरलेन सड़कें, रेलवे डबल लाइन, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, राम की पैड़ी, निषादराज के नाम पर रैन बसेरे और माता शबरी के नाम पर भोजनालय जैसी अनेक परियोजनाओं ने अयोध्या का स्वरूप बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष के सहयोग की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है।
सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव से पूछा कि यदि वे वास्तव में सनातन आस्था का सम्मान करते हैं तो उन्हें मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर ही जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी सोच आज भी “बाबरी मानसिकता” वाली है, जिसने समाज को जाति, भाषा और क्षेत्र के आधार पर बांटने का काम किया। संभल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक रहता तो वहां के प्राचीन हरिहर मंदिर, 67 तीर्थ और 19 ऐतिहासिक कुओं पर अतिक्रमण नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। अब प्रदेश में “नो कर्फ्यू, नो दंगा… यूपी में सब चंगा” का माहौल है। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और कानून व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने विकास और सुशासन को चुना है, जबकि समाजवादी पार्टी की राजनीति अब पूरी तरह पंक्चर हो चुकी है।
मुरादाबाद के विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने गुरु जम्भेश्वर मंदिर कॉरिडोर के विकास की घोषणा की। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेता दाऊ दयाल खन्ना के सम्मान में शहर के लाइनपार क्षेत्र का नाम बदलकर ‘दाऊ दयाल खन्ना नगर’ करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने दानवीर भामाशाह जयंती पर उनके योगदान को याद करते हुए व्यापारियों को सम्मानित किया और कहा कि प्रदेश सरकार जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध करा रही है। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां, प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों रुपये के चेक तथा उत्कृष्ट करदाताओं को भामाशाह सम्मान पत्र भी प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश, रोजगार और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। प्रदेश में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां करोड़ों लोगों को रोजगार दे रही हैं और उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।
कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया की ओर से किए गए व्यापक प्रबंधों की भी कार्यक्रम में प्रशंसा हुई। समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही।


