वाराणसी। साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सिम बॉक्स नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर में तीन अलग-अलग किराए के मकानों पर छापेमारी कर 6 सिम बॉक्स और 192 सिम स्लॉट सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कथित मास्टरमाइंड सौगात अस्थाना फरार है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में साइबर क्राइम सेल, प्रतिसार टीम और चितईपुर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी शिवपुर के अशोकपुरम एकता नगर, लंका क्षेत्र के बालाजी भवन सामनेघाट और चितईपुर की कैलाशपुरी कॉलोनी स्थित किराए के मकानों में की गई। यहां से सिम बॉक्स के अलावा राउटर, वीपीएन गेटवे और नेटवर्क संचालन में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चौक क्षेत्र के सराय हरहा निवासी मोहम्मद आबिद (40) और दारानगर के नवापुरा निवासी शशि शेखर सिंह (24) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड लखनऊ निवासी सौगात अस्थाना अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
डीसीपी साइबर नीतू कादयान के अनुसार, प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान एक ऐसे बैंक खाते का पता चला, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जा रहा था। इस खाते से देशभर में दर्ज 41 साइबर शिकायतों का संबंध सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, पुणे की एक महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगे गए 25 लाख रुपये भी इसी खाते में आए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई और तीन स्थानों पर चल रही गतिविधियों का पता लगाया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर सिम-ओवर-आईपी तकनीक के जरिए विदेश से आने वाली कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों के माध्यम से प्रदर्शित करता था। सिम बॉक्स में बड़ी संख्या में सिम कार्ड लगाकर इंटरनेट आधारित कॉल को स्थानीय मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की व्यवस्था की गई थी। इस तरीके से कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और स्थान छिपाने में मदद मिल सकती है, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगी में किए जाने का आरोप है।
पुलिस अब बरामद उपकरणों, सिम कार्डों, बैंक खातों और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपी की तलाश और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।


