कन्नौज। गौ रक्षार्थ धर्म यात्रा के दौरान कन्नौज पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुकतेश्वरानन्द सरस्वती के रात्रि विश्राम को लेकर मंगलवार देर शाम बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जिला प्रशासन द्वारा कथित रूप से अनुमति न होने का हवाला दिए जाने के बाद उनका निर्धारित रात्रि विश्राम कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, जिसके विरोध में शंकराचार्य ने सड़क पर ही रात्रि विश्राम करने का ऐलान कर दिया।
जानकारी के अनुसार गौ रक्षार्थ धर्म यात्रा के तहत कन्नौज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रात्रि विश्राम छिबरामऊ क्षेत्र के सलेमपुर स्थित आशा पब्लिक स्कूल में प्रस्तावित था। आरोप है कि जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को कार्यक्रम की अनुमति न होने की बात कहकर शंकराचार्य को विद्यालय परिसर में ठहराने से मना कर दिया। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन ने रात्रि विश्राम का कार्यक्रम निरस्त कर दिया।
प्रशासन के इस रुख की जानकारी मिलते ही शंकराचार्य ने कड़ा विरोधu जताते हुए पाल चौराहे पर ही रात्रि विश्राम करने का निर्णय ले लिया। देर रात तक वे अपने समर्थकों के साथ वहीं डेरा जमाए रहे। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए अपर जिलाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
इस दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड को लेकर भी उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद केवल एनकाउंटर कर देना न्याय नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कानून व्यवस्था इतनी मजबूत थी तो सूर्या की हत्या आखिर हुई कैसे?
शंकराचार्य ने कहा कि किसी एक व्यक्ति की हत्या के बाद दूसरे व्यक्ति का एनकाउंटर कर देना स्थायी न्याय का समाधान नहीं है। उनके अनुसार इस प्रकार की कार्रवाई केवल तत्काल जनाक्रोश को शांत करने का प्रयास हो सकती है, लेकिन इससे कानून व्यवस्था पर उठ रहे मूल सवाल खत्म नहीं होते।


