लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति का विवरण प्रस्तुत न करने के कारण रुके वेतन के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुख्य सचिव एस . पी . गोयल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ऐसे कर्मचारियों का जनवरी और फरवरी 2026 का रोका गया वेतन अब जारी किया जाएगा।
शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने निर्धारित समय पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण नहीं दिया था, उन्हें वेतन भुगतान से वंचित नहीं रखा जाएगा। हालांकि, नियमों के उल्लंघन पर अन्य दंडात्मक प्रावधान यथावत लागू रहेंगे।
आदेश के अनुसार, संपत्ति विवरण प्रस्तुत न करने वाले कर्मचारियों को वर्तमान चयन वर्ष में एसीपी का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभागीय कार्रवाई संबंधी पूर्व में जारी निर्देश भी पहले की तरह प्रभावी रहेंगे।
सरकार का मानना है कि वेतन रोकना कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कठिनाई का कारण बन रहा था, इसलिए इस संबंध में व्यावहारिक निर्णय लिया गया है। वहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने की अनिवार्यता बरकरार रखी गई है।
मुख्य सचिव के इस आदेश के बाद विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है, जिनका वेतन संपत्ति विवरण जमा न करने के कारण रोका गया था। अब संबंधित विभागों को आदेश का पालन करते हुए वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।


