नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे ने सियासी माहौल गरमा दिया। कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया।
राज्यसभा में सदन की कार्यवाही बाधित होने पर सत्तारूढ़ दल की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन मुद्दों पर चर्चा लोकसभा में होनी चाहिए, उन्हें राज्यसभा में उठाकर कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष को किसी विषय पर बात करनी है तो उसके सदस्य लोकसभा में चर्चा करें।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। खरगे ने इसे संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन बताया।
सदन में जारी तनाव के बीच निलंबित सांसदों के समर्थन में विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए निलंबन का सहारा लिया जा रहा है।
घटनाक्रम के चलते राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और दोनों सदनों में सरकार व विपक्ष के बीच टकराव साफ नजर आया। विपक्ष ने जहां सरकार पर बहस से बचने का आरोप लगाया, वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की गरिमा भंग करने का आरोप लगाया।






