– ‘सेलेक्टेड सीएम ’ बनाम ‘इलेक्टेड सीएम ’ की जंग
पटना। बिहार विधानसभा में विश्वास मत को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया और विपक्ष ने तीखे हमलों की झड़ी लगा दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आई।
नेता प्रतिपक्ष तेजश्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए तंज कसा—“हम सम्राट चौधरी जी को दिल से धन्यवाद देते हैं, आपने अपना संकल्प पूरा किया… इलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने हटा दिया।” यह बयान सीधे तौर पर नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता के तरीके पर सवाल खड़ा करता दिखा।
तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि “आपने जो पगड़ी जहां भी रखी है, उसे संभालकर रखिएगा, क्योंकि विजय सिन्हा जी की उस पर नजर है।” यह टिप्पणी सत्ता पक्ष के अंदर संभावित खींचतान और नेतृत्व संघर्ष की ओर इशारा करती मानी जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भले ही भाजपा का मुख्यमंत्री बन गया हो, लेकिन पार्टी और वैचारिक संगठन के भीतर इसे पूरी तरह स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है कि क्या सत्ता के भीतर सब कुछ सामान्य है या अंदरूनी असहमति अभी भी बनी हुई है।
सत्ता पक्ष की ओर से हालांकि विश्वास जताया गया कि सरकार के पास बहुमत है और यह प्रस्ताव आसानी से पारित हो जाएगा। लेकिन जिस तरह से विपक्ष ने मुद्दों को उठाया, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और ज्यादा आक्रामक होने वाली है।
बिहार विधानसभा में विश्वास मत पर सियासी संग्राम


