फर्रुखाबाद। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में तैनात एक लिपिक को 500 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक अधिवक्ता द्वारा की गई शिकायत और उसके साथ प्रस्तुत वीडियो साक्ष्य के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, एक अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में तैनात लिपिक अभिलेख उपलब्ध कराने के नाम पर 500 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत के समर्थन में अधिवक्ता ने रिश्वत लेने का वीडियो भी उपलब्ध कराया।
जिलाधिकारी द्वारा शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों का प्रारंभिक परीक्षण कराए जाने के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सक्षम अधिकारियों को नामित किया गया है। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को प्रशासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, इस घटना के बाद सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
500 रुपये की रिश्वत लेना पड़ा भारी, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय का लिपिक निलंबित


