नवाबगंज (फर्रुखाबाद)।
आलू की फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट में घिरे किसान सर्वेश शाक्य ने राजस्व विभाग के भ्रष्टाचार से तंग आकर एक बड़ा कदम उठाया। पैमाइश कराने के लिए मांगी गई रिश्वत देने के लिए जब उसके पास पैसे नहीं थे, तो उसने अपनी पत्नी के जेवर तक गिरवी रख दिए। अंततः उसने हिम्मत दिखाते हुए एंटी करप्शन टीम की मदद से कानूनगो को रंगे हाथों पकड़वा दिया।
सर्वेश शाक्य, निवासी गांव वीरपर नादी, नवाबगंज क्षेत्र, ने बताया कि खेत की पैमाइश कराने के लिए कानूनगो की ओर से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आर्थिक तंगी के चलते उसके पास इतने पैसे नहीं थे। मजबूरी में उसने एक स्थानीय सराफ के पास अपनी पत्नी के जेवर 80 हजार रुपये में गिरवी रखे और उसमें से 15 हजार रुपये की व्यवस्था कर कानूनगो को देने की तैयारी की।
किसान ने बताया कि वह भ्रष्टाचार से बेहद परेशान हो चुका था, इसलिए उसने कानूनगो को सबक सिखाने का निर्णय लिया। करीब छह दिन पहले वह कानपुर स्थित एंटी करप्शन थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद एंटी करप्शन थाना, कानपुर के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन राय ने कार्रवाई की योजना बनाई।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 30 अप्रैल को प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन राय अपनी 12 सदस्यीय टीम के साथ फर्रुखाबाद पहुंचे। टीम ने पहले से तय योजना के तहत रिश्वत की रकम पर केमिकल लगाया और कानूनगो को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
जैसे ही कानूनगो ने किसान से रिश्वत की रकम ली, एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया और क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों पर है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि आम नागरिक हिम्मत दिखाए और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाए, तो दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सकता है।


