– राहत आयुक्त ने प्रभावितों से किया सीधा संवाद
– महिलाओं-बच्चों और बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं के निर्देश
लखनऊ। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फर्रुखाबाद, बलिया और बहराइच में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
राहत आयुक्त ने राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का लाइव निरीक्षण किया। फर्रुखाबाद के रहमानिया इंटर कॉलेज स्थित राहत शिविर में उन्होंने बाढ़ प्रभावित अब्दुल गफ्फार खान से संवाद किया। अब्दुल गफ्फार खान ने बताया कि वह अपने परिवार के छह सदस्यों के साथ एक अगस्त से शिविर में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिविर में भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और दवाओं समेत आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बहराइच में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी से कम्पोजिट विद्यालय आनंद नगर बरखड़िया, मिहींपुरवा स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित शिवकुमार निषाद से सीधे संवाद किया। शिवकुमार ने बताया कि शिविर में चारपाई, गद्दा, नाश्ता और भोजन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित परिवार धीरे-धीरे अपने घरों को लौट रहे हैं। प्रशासन की ओर से वापस लौट रहे परिवारों को राशन किट सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
बलिया में राहत आयुक्त ने उप जिलाधिकारी बैरिया से गोपल नगर टांडी उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैरिया स्थित राहत शिविर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित पप्पू यादव से भी संवाद किया। पप्पू यादव ने बताया कि शिविर में तीनों समय भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और दवाओं की व्यवस्था की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने तीनों जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों में साफ-सफाई, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार उपलब्ध रहें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राहत आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और राहत एवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।


