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Sunday, September 27, 2026

योगी सरकार की तत्परता से अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव तेज, जिलों में फील्ड पर उतरा प्रशासन

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बारिश के संकट में योगी सरकार का संवेदनशील रुख, प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता देने के निर्देश

राहत सामग्री और सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता के आधार करें: राहत आयुक्त

प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक हुई बारिश, सबसे ज्यादा फर्रूखाबाद में दर्ज की गई

लोगों से आपात स्थिति में राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करने की अपील

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रहा है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने और राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश
राहत आयुक्त के अनुसार 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। प्रदेश के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। फर्रूखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत, कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

क्षतिग्रस्त मकानों की सूचना पर मदद में जुटा प्रशासन
अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से प्रदेश में 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। मकान क्षति के मामलों में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस संबंध में प्रशासन मदद उपलब्ध कराने में जुट गया है।

फसल क्षति का तत्काल आकलन
अधिकारियों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण और आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों के मामलों में आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था व पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने को भी कहा गया है।

फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी
राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। राहत सामग्री और अनुमन्य सहायता राशि का वितरण प्राथमिकता के आधार पर करने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने को कहा गया है।

रेस्क्यू अभियान लगातार जारी
जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों को आवश्यक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने आमजन से जलभराव, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तथा नदियों-नालों के तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की है। आपातकालीन सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करने की भी अपील की गई है।

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