नई दिल्ली/लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान में कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। नई एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ रेंज के आईजी एस. किरण करेंगे। टीम में एक डीआईजी और एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जांच की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एसआईटी में फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि नई एसआईटी का पुनर्गठन किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होनी चाहिए। साथ ही एसआईटी को दो सप्ताह के भीतर जांच की स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला राम मंदिर में प्राप्त दान में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। याचिकाओं में सीबीआई जांच की मांग भी की गई है, लेकिन फिलहाल शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की एसआईटी से जांच जारी रखने को कहा है और उसकी प्रगति पर स्वयं निगरानी रख रही है। अदालत ने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और जांच तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष ढंग से पूरी की जानी चाहिए।
नई एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद सुप्रीम कोर्ट मामले की अगली सुनवाई में जांच की प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्देश जारी कर सकता है।
राम मंदिर दान अनियमितता मामला: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नई एसआईटी गठित, दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट


