अयोध्या। प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शनिवार को राम मंदिर निर्माण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें मंदिर निर्माण की प्रगति और आगामी कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में शामिल होने के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही मंदिर निर्माण कार्यों को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर हलचल तेज हो गई।
बैठक में बताया गया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब परिसर के शेष सौंदर्यीकरण तथा स्मारक निर्माण कार्यों पर तेजी से काम किया जा रहा है। निर्माण समिति ने उम्मीद जताई है कि मंदिर परिसर में बन रहा शहीद स्तंभ आगामी 15 जून तक तैयार कर लिया जाएगा। यह शहीद स्तंभ राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारसेवकों और आंदोलनकारियों की स्मृति को समर्पित होगा।
सूत्रों के अनुसार बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और आने वाले बड़े आयोजनों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। निर्माण समिति ने कार्यदायी संस्थाओं को तय समयसीमा के भीतर शेष कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अयोध्या में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए यातायात, पार्किंग, दर्शन व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर भी योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया और इंजीनियरों तथा अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर के कई हिस्सों में फिनिशिंग और सजावटी कार्य अंतिम चरण में हैं। मंदिर निर्माण की भव्यता और वास्तुशिल्प को लेकर देशभर में लगातार चर्चा बनी हुई है।
अयोध्या में राम मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का प्रतीक बन चुका है। ऐसे में निर्माण कार्यों की हर प्रगति देशभर में उत्सुकता का विषय बनी हुई है। प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी महीनों में मंदिर परिसर पूरी तरह विकसित होकर श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


