लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारियों को चीनी मिलों, व्यापारियों और गोदामों में उपलब्ध स्टॉक की जांच कर जमाखोरी व कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की मिलों में करीब 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। निर्देश के अनुसार डीलर 30 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे, जबकि हर महीने 10 हजार किलो या उससे अधिक चीनी की खपत करने वाले बड़े दुकानदारों के लिए अधिकतम 15 दिन का स्टॉक निर्धारित किया गया है। एक समय में डीलर 400 टन से अधिक चीनी नहीं रख सकेंगे।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बागपत, संभल, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर समेत कई जिलों में प्रशासनिक टीमें बाजार और गोदामों में पहुंचीं। बागपत में एसडीएम दिग्विजय सिंह और सीओ सुकन्या शर्मा ने चीनी के गोदाम पर छापा मारकर स्टॉक का मिलान किया। जांच में स्टॉक नियमानुसार पाया गया।
संभल के रजपुरा में नायब तहसीलदार अनुज कुमार और मार्केटिंग इंस्पेक्टर स्वतंत्र कुमार ने तीन फर्मों के स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने कहा कि चीनी की उपलब्धता और भंडारण की स्थिति की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर की नवीन मंडी में खाद्य एवं पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने चीनी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों और गोदामों पर छापेमारी की। टीम ने उपलब्ध स्टॉक का मिलान करने के साथ खरीद-बिक्री और भंडारण से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाला। बुलंदशहर में एसडीएम सदर अंगद यादव के नेतृत्व में थोक विक्रेताओं के यहां जांच की गई।
बरेली में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों और चीनी स्टॉकिस्टों के साथ बैठक कर बाजार की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान चीनी की अधिक कीमत वसूलने और जमाखोरी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोएडा में भी प्रशासन ने तहसील और क्षेत्रवार जांच टीमें गठित की हैं। अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद कीमत बढ़ने या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने भी प्रदेश में चीनी की कमी से इनकार किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक चीनी उत्पादन हुआ है, जबकि प्रदेश में हर महीने करीब चार लाख मीट्रिक टन चीनी की खपत होती है। मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलें शुरू करने की भी बात कही है।
प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अब चीनी के थोक और फुटकर बाजार में जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर निगरानी बढ़ा दी गई है।


