नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होने को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और ‘वोट चोरी आयोग’ के तरीके बदलते रहते हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है—किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत और लोकतंत्र का अंत।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए पूछा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 9.29 करोड़, विधानसभा चुनाव में 9.7 करोड़ और एसआईआर के बाद प्रारूप सूची में करीब 7.72 करोड़ मतदाता हैं, तो आखिर सही सूची कौन सी है? उन्होंने 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 39 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने और पश्चिम बंगाल में अपील के बाद बड़ी संख्या में नाम बहाल होने का भी उल्लेख किया।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 2.07 करोड़ का आंकड़ा अंतिम रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या नहीं है। ये वे मतदाता हैं, जिनके गणना प्रपत्र इस चरण में एकत्र नहीं हो सके। नामों पर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया 30 सितंबर तक जारी रहेगी और पात्र मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसी बीच राहुल गांधी ने दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस में नाबालिग से कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर भी सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली बस को रास्ते में किसी पुलिस जांच चौकी पर नहीं रोका गया। घटना ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और चुनावी व्यवस्था—दोनों मोर्चों पर प्रशासनिक जवाबदेही जरूरी है। उनके लगातार हमलों से साफ है कि कांग्रेस आने वाले राजनीतिक संघर्ष में मतदाता सूची और महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।


