नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने राघव चड्डा की ओर से दायर याचिका पर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए इंटरनेट पर उपलब्ध 5 कथित मानहानिकारक कंटेंट को हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अदालत ने याचिका में शामिल शेष सामग्री को तत्काल हटाने से इनकार कर दिया और इस स्तर पर ‘पर्सनैलिटी राइट’ के आधार पर व्यापक अंतरिम राहत देने से भी मना कर दिया।
याचिका में दावा किया गया था कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइटों पर प्रकाशित कुछ सामग्री उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है। अदालत ने प्रथम दृष्टया परीक्षण के बाद केवल 5 विशिष्ट कंटेंट के संबंध में हटाने का निर्देश उचित माना, जबकि अन्य सामग्री के संबंध में तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक नहीं समझा।


