नई दिल्ली
पंजाब की राजनीति में इन दिनों बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है, जहां आम आदमी पार्टी के बागी नेताओं और सरकार के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। ताजा घटनाक्रम में पार्टी छोड़ चुके राज्यसभा सांसदों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भी विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचकर पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखने में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी से अलग हो चुके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और राजेंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर पंजाब सरकार और पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। सांसदों का कहना है कि उनके साथ राजनीतिक उत्पीड़न किया जा रहा है और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आम आदमी पार्टी “खतरनाक राजनीति” कर रही है और भ्रष्टाचार में फंस चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में उन्हें और अधिक निशाना बनाया जा सकता है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी सभी विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति से मुलाकात कर राज्य के हालातों से अवगत कराया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री बागी सांसदों के मुद्दे पर अपनी सरकार का पक्ष मजबूती से रखने की कोशिश कर रहे हैं।
इस सियासी खींचतान के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सावधान रहना चाहिए कि विधायकों की बस कहीं भाजपा कार्यालय की ओर न मुड़ जाए। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है।
पंजाब की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम ने नई बहस छेड़ दी है, जहां एक ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर सरकार की स्थिरता और पार्टी के अंदरूनी हालातों पर भी सवाल उठने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह सियासी संकट किस दिशा में जाता है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।


