नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र में भारत के अग्रणी बैंकों में से एक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने मुख्यालाय, द्वारका में जोश और उत्साह के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस जश्न की शुरुआत पीएनबी, एमडी एवं सीईओ, श्री अशोक चंद्र ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर और स्वतंत्रता सेनानी और पीएनबी के संस्थापकों में से एक, श्री लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि देकर की। इस मौके पर पीएनबी के ईडी, सीवीओ, सीजीएम और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस साल का जश्न ‘विकसित भारत के लिए युवा शक्ति@2047’ थीम पर मनाया गया, साथ ही वंदे मातरम के 150 साल भी मनाए गए।
अपने संबोधन में एमडी एवं सीईओ, पीएनबी श्री अशोक चंद्र ने कहा: “आज़ादी के बाद से भारत की यात्रा उल्लेखनीय बदलाव, लचीलेपन और बढ़ती महत्वाकांक्षाओं की कहानी रही है। हमें अपनी पहली 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में छह दशक लगे; अगला 1 ट्रिलियन सिर्फ सात वर्षों में जुड़ गया, और उसके बाद के पड़ाव इससे भी तेज़ गति से हासिल हुए हैं। जैसे-जैसे देश 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, पीएनबी अपने 10,000 से अधिक शाखाओं के व्यापक नेटवर्क, एक लाख से अधिक कर्मचारियों और 18 करोड़ से अधिक ग्राहकों के भरोसे के साथ एक मज़बूत, अधिक समावेशी और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
उन्होंने आगे कहा, “बैंक प्रौद्योगिकी-संचालित बदलाव पर विशेष ध्यान देते हुए अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। डिजिटल ऋण हमारी ग्रोथ का प्रमुख ड्राइवर के रूप में उभर रहा है, और वित्तीय वर्ष 2027 के अंत तक इसके पोर्टफोलियो के ₹2 लाख करोड़ को पार करने की उम्मीद है। हमारे क्रेडिट कार्ड व्यवसाय ने भी तेज़ गति पकड़ी है, जिसमें ‘लग्जरा’ प्रीमियम क्रेडिट कार्ड इस सेगमेंट और पूरे कार्ड बेस में ट्रैक्शन बढ़ाया है।
इसके साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी और प्रोग्रामेबल सीबीडीसी में हमारा निवेश अगली पीढ़ी की बैंकिंग की नींव रख रहा है। हमारा प्रस्तावित एआई और जेन एआई ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ ऐसी तकनीक विकसित करने की हमारी क्षमता को और मज़बूत करेगा जो ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाए, परिचालन दक्षता में सुधार करे और व्यापक फाइनेंशियल इकोसिस्टम के लिए वैल्यू पैदा करे। आगे बढ़ते हुए हमारी प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं: तेज़ी से बदलते बैंकिंग परिवेश के लिए अपने कर्मचारियों को पुन: कुशल और अधिक कुशल बनाना; समाज के हर वर्ग तक बैंकिंग और ऋण सुविधा पहुँचाकर वित्तीय समावेश को गहन करना और उभरते डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ साइबर लचीलेपन तथा ग्राहक जागरूकता को मज़बूत करना।”
इस अवसर पर, पीएनबी ने ‘पीएनबी लाडली शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के तहत सरकारी विद्यालय में देशव्यापी स्तर पर 8.6 करोड़ छात्रविर्ति उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया गया। बैंक ने डॉन बॉस्को आशालयम, नई दिल्ली को शैक्षिक और इन्फ्रास्ट्रक्चरल सहायता भी प्रदान की, जिसमें स्मार्ट बोर्ड, चिकित्सा सामग्री, स्टेशनरी और राशन की वस्तुएँ शामिल हैं, ताकि सीखने, कौशल विकास और समग्र कल्याण के लिए एक सुरक्षित, तकनीक-युक्त और बच्चों के मुताबिक माहौल तैयार किया जा सके। सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए, पीएनबी ने पूरे भारत में मुफ्त हेलमेट के वितरण में मदद करके सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘हेलमेट बैंक’ का भी सहयोग किया, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटों के कारण होने वाली मौतों को कम करना है।
पीएनबी में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव राष्ट्रगान व शपथ दिलाने के साथ ही स्टाफ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से और भी शानदार हो गया।


