फर्रुखाबाद। कृषकों की आय में वृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मछली पालन, मधुमक्खी पालन एवं वर्मी कम्पोस्ट जैसे आयवर्धक कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी महोदया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला भूमि एवं जल संरक्षण एवं जिला मिशन समिति की बैठक में दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समिति द्वारा 11 खेत तालाब के लाभार्थियों का अनुमोदन किया गया। इसके अलावा रेनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत दो क्लस्टरों में 156 लाभार्थियों का अनुमोदन किया गया। योजना के अंतर्गत प्रत्येक कृषक को विभिन्न मदों में 30 हजार रुपये का अनुदान देय होगा।
इसी क्रम में पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत 483.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए 109.74 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। राजकीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत राजकीय कृषि प्रक्षेत्र के सुधार से संबंधित प्रस्तावित कार्यों का भी अनुमोदन किया गया। वहीं वीबीजी रामजी योजना के अंतर्गत 434.33 हेक्टेयर क्षेत्रफल की छह परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि खेत तालाब योजना के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को मछली पालन से जोड़ा जाए, जिससे किसानों को फसल उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत मिल सके। उन्होंने रेनफेड एरिया डेवलपमेंट योजना के तहत किसानों को मधुमक्खी पालन एवं वर्मी कम्पोस्ट के लिए भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
बैठक में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, उप कृषि निदेशक/भूमि संरक्षण अधिकारी अरविन्द मोहन मिश्र, जिला उद्यान अधिकारी राघवेन्द्र सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी एवं नामित कृषक उपस्थित रहे।


