42 C
Lucknow
Friday, June 26, 2026

मातमी धुनों के साथ नगर में निकला ताजियों का जुलूस

Must read

– पुलिस प्रशासन की रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
गुरसहायगंज, कन्नौज। इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम उल हरम की 10वीं तारीख को आशूरा का पर्व पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धा और शोक के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बा के विभिन्न मार्गो से ताजियों का जुलूस निकाला गया। मातमी धुनों के बीच लोगों ने अखाड़ा खेल कर करतब भी दिखाए।
जुलूस में सभी धर्मों के लोग मातमी धुनों के साथ शोक व्यक्त करते नजर आए। जुलूस के समापन पर ताजियों को कर्बला में दफनाया गया। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार मुहर्रम का महीना इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है। जो शिया और सुन्नी समुदायों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है। उनकी याद में ताजिया बनाकर जुलूस निकाला जाता है। नगर के मुहल्लों में सुबह से ही पकवानों की तैयारियां शुरू हो गई थीं। कई स्थानों पर लंगर का आयोजन किया गया और वहां हजारों लोगों को भोजन कराया गया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर रंग-बिरंगे शरबत की व्यवस्था की गई। जिसे हर आने-जाने वाले को पिलाया गया। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण रहा। आशूरा के दिन मुसलमानों ने रोजा-नमाज के साथ इवादत की। यह पर्व न केवल शहादत की याद दिलाता है, बल्कि आपसी भाईचारे और सहयोग को भी मजबूत करता है। इस दौरान शहर काजी हाफिज जुम्मन, मुनीर कुरैशी, मुकीम खां, सलीम, मुन्ना उस्ताद, तालिब आजमी, अयूब सिद्दकी, राजे आजमी, लालमिया, शकील फारूखी आदि रहे। इसी प्रकार नगर पंचायत तालग्राम में या अली या हुसैन की गूंज, करबला तक जुटी। मातम, मजलिस, अलम, मेहंदी और ताजिया जुलूस में हजारों की भीड उमड़ी। शुक्रवार को मुहर्रम की दसवीं पर ताजियों को करबला में दफन किया गया। इस मौके पर चेयरमैन मोहसिन खान (जानू), नफीस अहमद (सागर), तहसीन खान, आरिफ खान सहित सैकड़ों लोगों रहे।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article