नई दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी Delhi में छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को तेज हो गया। संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बावजूद छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, नई शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। हालांकि, संसद की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प जैसी स्थिति बन गई, जिसके बाद बल प्रयोग किया गया।
पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्र शिक्षा नीति से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार संवाद करने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है। प्रियंका गांधी ने कहा, “हम सब चर्चा की मांग कर रहे हैं। शिक्षा नीति में कई समस्याएं और बड़े मुद्दे हैं। फिर भी सरकार इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। इसके बजाय छात्रों पर आंसू गैस छोड़ी जा रही है और उनकी पिटाई की जा रही है। आखिर क्यों? वे हमारे बच्चे हैं।”
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद शिक्षा नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। फिलहाल राजधानी में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।


