एटा
जनपद में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। गुरुवार रात आई तेज आंधी और बारिश के बाद उत्पन्न हुए फाल्ट के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जो शुक्रवार रात तक भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी। इससे नाराज सैकड़ों लोग शुक्रवार देर रात ठंडी सड़क स्थित विद्युत सब स्टेशन पर पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, शिवसिंहपुर, पीपल अड्डा, होली मोहल्ला समेत कई क्षेत्रों के निवासी रात करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में सब स्टेशन पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि उन्हें दिनभर में मुश्किल से चार-पांच घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे गर्मी के इस मौसम में जीवन बेहद कठिन हो गया है। बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते न केवल घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी ऑटो और ई-रिक्शा से सब स्टेशन पहुंचीं और उन्होंने सड़क जाम करने की चेतावनी दे दी। जब कर्मचारियों से बात की गई तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर भीड़ और उग्र हो गई। महिलाओं ने कर्मचारियों से तीखी बहस की और उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं पहुंचा। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। हंगामे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात भी बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने हाथ खड़े करते हुए बताया कि आंधी-बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार और खंभे टूट गए हैं, जिनकी मरम्मत का काम चल रहा है और जब तक यह कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक आपूर्ति पूरी तरह बहाल करना संभव नहीं है।
हालांकि कर्मचारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि विभाग की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं, लेकिन गुस्साए लोग तत्काल बिजली बहाल करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक लोगों को समझाने का प्रयास किया। आखिरकार अधिकारियों द्वारा जल्द आपूर्ति बहाल करने के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और अपने-अपने घर लौट गए।
हंगामे के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। रातभर बिजली की ट्रिपिंग जारी रही, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल सकी। लोगों का यह भी आरोप रहा कि प्रदर्शन के दौरान कई बार अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
वहीं, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता शहरी क्षेत्र सत्य नारायण ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई की और रात में ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लोग इस तरह की समस्याओं से जूझते रहेंगे।


