एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की छलांग लगाकर बनीं चैंपियन, राष्ट्रमंडल खेलों का क्वालिफाइंग मानक भी किया हासिल
भारत की युवा ऊंची कूद खिलाड़ी पूजा सिंह ने एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। 19 वर्षीय एथलीट ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ महिलाओं की ऊंची कूद में 14 वर्ष पुराना सीनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पूजा ने 1.93 मीटर की सफल छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया और भारतीय एथलेटिक्स को बड़ी उपलब्धि दिलाई।
इस प्रदर्शन के साथ पूजा ने सहाना कुमारी का 1.92 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जो वर्ष 2012 से कायम था। इससे पहले पूजा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1.90 मीटर था, जो उन्होंने अप्रैल 2026 में दिल्ली में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज मीट में दर्ज किया था। लेकिन एशियाई मंच पर उन्होंने अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई देते हुए देश के एथलेटिक्स इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
पूजा पहले ही एशियाई स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। पिछले वर्ष दक्षिण कोरिया में आयोजित प्रतियोगिता में भी उन्होंने महिलाओं की ऊंची कूद का स्वर्ण पदक जीता था। इस बार उन्होंने न केवल अपना खिताब बरकरार रखा, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा निर्धारित राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 1.92 मीटर के क्वालिफाइंग मानक को भी पार कर लिया। इससे उनके लिए आगामी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दरवाजे और मजबूत हो गए हैं।
चैंपियनशिप के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुल मिलाकर शानदार रहा। नितिन गुप्ता ने पुरुषों की 5000 मीटर पैदलचाल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और सफलता डाली। वहीं अमानत कम्बोज ने महिला चक्का फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। राहुल जाखड़ ने पुरुष डेकाथलन में शीर्ष स्थान प्राप्त कर देश को एक और स्वर्ण दिलाया।
इसके अलावा साधना देवी ने महिलाओं की त्रिकूद स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि उपकार ने पुरुष डेकाथलन में दूसरा स्थान हासिल किया। महिला 400 मीटर दौड़ में नीरू पाठक ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक अभियान को और मजबूत बनाया।
भारतीय दल अब तक प्रतियोगिता में चार स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक अपने नाम कर चुका है। युवा खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलने वाली है। पूजा सिंह की ऐतिहासिक छलांग इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गई है।


