– नवाबगंज में चकबंदी के दौरान हंगामा
– कई थानों की फोर्स बुलानी पड़ी
– किसानों के विरोध से रुकी नापजोख
– जरीब छीनने का आरोप, थाने में धरना
– दो दिन में दूसरी बार प्रशासन पर बढ़ा दबाव
विशेष संवाददाता, यूथ इंडिया
नवाबगंज/फर्रुखाबाद। जिले में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के तेवर लगातार आक्रामक होते नजर आ रहे हैं। हाल के घटनाक्रमों में पहले किसान यूनियन के एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा और अब शुक्रवार को नवाबगंज क्षेत्र के वराकेशव गांव में चकबंदी की नापजोख के दौरान किसानों के विरोध ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी।
चकबंदी की कार्रवाई शुरू होते ही भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और नापजोख का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। राजस्व अधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान नापजोख में इस्तेमाल होने वाली जरीब भी छीन ली गई, जिसके बाद पुलिस और किसान नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नवाबगंज पुलिस के साथ मोहम्मदाबाद समेत कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बाद हालात पर काबू पाया गया और जरीब वापस राजस्व टीम को दिलाई गई।
इसके बाद भी किसान पीछे नहीं हटे। ट्रैक्टरों के काफिले के साथ किसान नवाबगंज थाने पहुंचे और धरना देकर जोरदार नारेबाजी की। करीब 25 मिनट तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
लगातार दूसरे बड़े घटनाक्रम ने जिले में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसान यूनियन के आक्रामक रुख के सामने पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि चकबंदी की कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


