नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार को देशवासियों की मेहनत, इच्छाशक्ति और सामूहिक ताकत का परिणाम बताया है। मंगलवार को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी विकास दर का उल्लेख करते हुए देशवासियों को बधाई दी और विकास की यही गति बनाए रखने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए। इससे पहले 10 मई को भी वह लोगों से सोने की अनावश्यक खरीदारी से बचने की अपील कर चुके हैं।
मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई तरह की चुनौतियों और संकट के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। उन्होंने इसे देशवासियों के परिश्रम का परिणाम बताते हुए कहा कि भारत को आगे भी इसी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ना होगा।
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश में अनावश्यक यात्राओं और विदेश में शादी करने से बचने तथा मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी पर जितना अधिक जोर दिया जाएगा, भारत उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेगा। उनका भरोसा है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक युवा पीढ़ी को विकसित भारत सौंपा जाएगा।
सोने की खरीद घटने से रुपये को मिल सकता है सहारा
भारत अपनी सोने की जरूरत का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा विदेश से आयात करता है। सोने के आयात के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में गैर-जरूरी सोने की खरीद और आयात कम होने से डॉलर की मांग तथा रुपये पर दबाव कम हो सकता है। रुपये की मजबूती से कच्चे तेल समेत कई आयातित वस्तुओं की लागत घटने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री की अपील ऐसे समय आई है, जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर हैं। सरकार के आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों पर जोर के साथ मोदी ने देशवासियों से घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भागीदार बनने का संदेश दिया है।


