वरासत, नामांतरण, भूमि विवाद, सीमांकन और पैमाइश के मामलों में अनावश्यक देरी पर लगाम के निर्देश
फर्रुखाबाद। राजस्व कार्यों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन से सीधे जुड़े राजस्व मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय मासिक लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किए जाएं, ताकि वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित समय सीमा में हासिल हो सके। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की नियमानुसार प्रभावी पैरवी और समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। साथ ही वसूली कार्य में तेजी लाने तथा शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
वरासत-नामांतरण सहित भूमि विवादों पर विशेष जोर
बैठक में वरासत, नामांतरण, भूमि विवाद, सीमांकन, पैमाइश और अतिक्रमण समेत विभिन्न राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील स्तर पर प्राप्त शिकायतों का केवल निस्तारण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक और समयबद्ध राहत मिलनी चाहिए। अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के कार्य सीधे आम जनता के हितों से जुड़े हैं। इसलिए अधिकारी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति में कमी मिलने पर तत्काल सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में वाणिज्य कर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, आबकारी, परिवहन, विद्युत, मंडी समिति, वानिकी और सिंचाई विभाग में राजस्व प्राप्ति तथा प्रवर्तन कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी अम्बरीष बाजपेई, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, उप जिलाधिकारी अमृतपुर श्वेता साहू, उप जिलाधिकारी कायमगंज अजय पाण्डेय सहित तहसीलदार और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


