नौगावां सादात
थाना क्षेत्र के गांव सैदपुर इम्मा में खेत की मेड़ काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद बुधवार को बड़े बवाल में बदल गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। गांव में जमकर ईंट-पत्थर चले, जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों पक्ष पथराव करते रहे। ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए और गांव में भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।
पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब एक बजे हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार और सिपाही हेमंत कुमार मूंढा चौकी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव सैदपुर इम्मा में दो पक्षों के बीच खेत की मेड़ को लेकर विवाद हो रहा है। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जहां गांव निवासी अल्ताफ और शकील पक्ष के लोग एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर फेंक रहे थे। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को समझाने और झगड़ा शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद हालात और बिगड़ गए और पथराव तेज हो गया।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख थाने से अतिरिक्त पुलिस बल और पीआरवी टीम को बुलाया गया। भारी पुलिस बल गांव पहुंचते ही आरोपी खेतों के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने गांव में पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया और शांति व्यवस्था बहाल कराई। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि गांव में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि दोबारा विवाद न भड़क सके।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 34 लोगों को नामजद किया है, जबकि 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने महिलाओं को भी आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में अल्ताफ, महताब, जहूर, सरताज, मेहराज, सलमान, फरीद, शकील, अकील, अमीन, एहसान समेत कई अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सीओ अवधभान भदोरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खेत की मेड़ जैसे छोटे विवाद का इस तरह हिंसक रूप लेना चिंताजनक है। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की गई है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे भूमि विवादों से पैदा होने वाले तनाव और हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।


