मैनपुरी
मंगलवार को आम यात्रियों को उस समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जब प्रधानमंत्री Narendra Modi के हरदोई और वाराणसी दौरे के लिए रोडवेज डिपो से करीब 50 बसें समर्थकों के परिवहन हेतु भेज दी गईं। बसों की अचानक कमी के कारण स्थानीय रूटों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
बसों की अनुपलब्धता का सबसे अधिक असर दिल्ली, आगरा, इटावा और फर्रुखाबाद रूट पर देखने को मिला, जहां यात्रियों को या तो लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ा या मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निजी बस संचालकों ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए मनमाना किराया वसूला, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
सुबह 10 बजे के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। रोडवेज बस स्टेशन लगभग खाली नजर आया और यात्रियों को भीषण गर्मी व लू के बीच खुले में इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि पूछताछ काउंटर से भी उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी, क्योंकि वहां प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी थी।
दोपहर के समय बस अड्डे का दृश्य और भी चिंताजनक रहा, जहां यात्री इधर-उधर भटकते नजर आए। खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे गर्मी के कारण अधिक परेशान दिखे। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान आम जनता की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते आम जनजीवन को प्रभावित होने से बचाने के लिए ठोस योजना और संतुलित प्रबंधन कितना आवश्यक है।


