32 C
Lucknow
Sunday, May 3, 2026

पशु आहार महंगा, पशुपालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

Must read

 

हाथरस में पशुपालकों को इन दिनों भारी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। पशु आहार की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी होने से डेयरी व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। बढ़ती लागत ने छोटे और मध्यम पशुपालकों की कमर तोड़ दी है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट गहराने लगा है।

जानकारी के अनुसार, सामान्य पशु आहार जो पहले करीब 1800 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, अब 1850 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं अच्छी गुणवत्ता वाले आहार की कीमतों में भी लगभग 100 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। इससे पशुपालन का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि दूध के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाए हैं।

व्यापारियों का कहना है कि सरसों की खल, जौ का चोकर और अन्य कच्चे माल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी वजह से तैयार पशु आहार महंगा हो गया है। कारोबारियों के मुताबिक वे मजबूरी में कीमतें बढ़ा रहे हैं, क्योंकि उत्पादन लागत पहले से काफी अधिक हो चुकी है।

पशुपालकों के अनुसार एक गाय या भैंस को रोजाना लगभग 4 से 6 किलो पशु आहार की आवश्यकता होती है। ऐसे में हर दिन का खर्च बढ़ने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है। कई पशुपालकों ने बताया कि खर्च बढ़ने के बावजूद दूध के दाम स्थिर हैं, जिससे उन्हें घाटा उठाना पड़ रहा है।

गर्मी के मौसम में पहले ही दूध उत्पादन में कमी आ जाती है, जिससे पशुपालकों की परेशानी और बढ़ जाती है। अब आहार के महंगे होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। कई लोग इस व्यवसाय को जारी रखने को लेकर असमंजस में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल की कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही, तो आने वाले समय में पशु आहार और महंगा हो सकता है। ऐसे में सरकार से राहत या सब्सिडी की मांग तेज हो सकती है, ताकि पशुपालकों को इस आर्थिक दबाव से कुछ राहत मिल सके।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article